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अफ़्रेशियाई अदीबों के नाम / फ़राज़

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अफ़्रेशियाई अदीबों के नाम[1]
 
जहाने-लोहो-क़लम[2] के मुसाफ़िराने-जलील[3]
हम अहले-दश्ते-पेशावर[4] सलाम कहते हैं
दिलों का क़ुर्ब[5]कहीं फ़ासिलों[6] से मिटता है
ये हर्फ़े-शौक़[7]बसद-अहतराम[8] कहते हैं
हज़ार लफ़्ज़ो-बयानो-ज़बाँ[9] का फ़र्क़ सही
मगर हदीसे-वफ़ा[10] हम तमाम कहते हैं

वो माओ हो कि लमुम्बा , सुकार्नो हो कि फ़ैज़
सभी के लोहो-क़लम अज़्मते-बशर[11]के नक़ीब[12]
सब एक दर्द के रिश्ते के मुंसलिक [13] बिस्मिल[14]
सभी हैं दूर नज़र से सभी दिलों के क़रीब[15]
जकार्तो-सरनदीप से पेशावर तक
सभी का एक ही नारा सभी की एक सलीब[16]

हमें ये सोचना होगा कि ज़िन्दगी अपनी
फ़ज़ा-ए-दहर[17] में क्यों मौत से भी सस्ती है
हम अहले-शिर्क़[18] हैं सूरज तराशने वाले
मगर हमारी ज़मीं[19] नूर[20] को तरसती है
ये क्या कि जो भी घटा दश्त[21] से हमारे उठे
वो दूर-पार समन्दर पे जा बरसती है

ज़मीं से अब नहीं उतरेगा कोई पैग़म्बर[22]
जहाने-आदमो-हव्वा[23] सँवारने के लिए
यहाँ मुहम्मदो-गौतम मसीहो-कन्फ़्यूशिस
जला चुके हैं बहुत आगही-फ़रोज़ाँ दिए[24]
मगर है आज भी अपना नसीब[25] तारीकी[26]
मगर है आज भी मश्रिक[27]शबे-दराज़[28] लिए

हमीं को तोड़ने होंगे सनम[29] क़दामत [30] के
हमीं को अब नया इन्सान ढालना होगा
हमीं को अपने क़लम की सितारासाज़ी[31]से
हर एक ख़ित्ता-ए-तीरा [32]उजालना होगा
हमीं को अम्न[33] के गीतों से , मीठे बोलों से
मुहीब[34]जंग[35]की आँधी को टालना होगा


शब्दार्थ
  1. अफ़्रीका और एशिया के साहित्यकारों के नाम
  2. ईश्चर की इच्छा से लिखे हुए भविष्य
  3. पूज्य महान मुसाफ़िरो
  4. पिशावरवासी
  5. सामीप्य
  6. दूरियों
  7. लगन के स्वर
  8. नमस्कार
  9. शब्द अभिव्यक्ति एवं भाषा
  10. वफ़ादारी के नियम
  11. मानव-गरिमा
  12. चोबदार
  13. जुड़े हुए
  14. घायल
  15. समीप
  16. सूली
  17. सांसरिक वातावरण
  18. पूर्व वासी
  19. धरती
  20. प्रकाश
  21. जंगल
  22. दूत
  23. आदम और हव्वा का संसार
  24. भविष में भी प्रकाशित रहने वाले दीपक
  25. भाग्य
  26. अन्धेरा
  27. पूर्व
  28. लंबी रात
  29. भगवान
  30. प्राचीनता
  31. चमक
  32. अँधेरा भाग
  33. शान्ति
  34. भयानक
  35. युद्ध