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अबै जिन बरसो बादरा रे / बुन्देली

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   ♦   रचनाकार: अज्ञात

अबै जिन बरसो बादरा रे
बरसन लागे बादरा रे,
चुंअन मोरे लागे बांगला रे। अबै...
चुंअन मोरे लागे बांगला रे,
भींजन मोरे लागे पालना रे। अबै...
भींजन मोरे लागे पालना रे,
रोबन मोरे लागे लालना रे। अबै...
अबै घर नइयां साजना रे। अबै...