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आखर री औकात, पृष्ठ- 24 / सांवर दइया

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कूद्‌यां कांई व्है
आभै छींकै लटकै
सिक्योड़ी रोटी
०००

सुपनो देख्यो
हुवै छोटो-सो घर
बुलडोजर
०००

आभो बरसै
आखो जग हरखै
म्हे ऊंधा घड़ा
०००

अठै मिनख
जाणै जूनी फाइलां
पड़ी बोरां में
०००

कित्तीक तोड़ां
आपणै बिच्चै रोज
बै चिणै भींतां
०००