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आज अगन बीच कन्हैया मचला ठाने / बुन्देली

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   ♦   रचनाकार: अज्ञात

आज अंगन बीच कन्हैया मचला ठाने।
हमें खेलने हेतु गगन को चंदा चाने। आज...
भांति-भांति के नये खिलौने,
एक-एक से नौने-नौने,
माने न छलिया एक,
हो गगन को चंदा चाने। आज...
माता यशोदा गोद बिठाये,
भांति भांति के खेल खिलाए,
माने न नटखट एक हो,
गगन को चंदा चाने। आज...
कांसे को एक थार मंगाओ,
थोड़ा जल उसमें भरवाओ।
दियो है चन्द्र दिखाय हो,
गगन को चंदा चाने। आज...