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आज अध-रतिहा मोर फूल बगिया मा / छत्तीसगढ़ी

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   ♦   रचनाकार: हरि ठाकुर

आज अध-रतिहा मोर फूल बगिया मा
आज अध-रतिहा हो

चन्दा के डोली मा तोला संग लेगिहव
बादर के सुग्घर चुनरिया मा रानी
आज अध-रतिहा हो

आज अध-रतिहा मोर फूल बगिया मा
आज अध-रतिहा हो

चन्दा के डोली मा बड़ ड-र लागे बड़ निक लागे
तोर गलबहियां में बड़ निक लागे
तोर गलबहियां में आज अध-रतिहा हो

आज अध-रतिहा मोर फूल बगिया मा
आज अध-रतिहा हो

बन नहीं रहिबो ते गाँव नहीं रहिबो
रहिबो मया के नगरीया मा रानी
रहिबो मया के नगरीया मा राजा
आज अध-रतिहा हो

आज अध-रतिहा मोर फूल बगिया मा