मैथिली लोकगीत ♦ रचनाकार: अज्ञात
आनि दिअ मोहि प्रात खना
हम नहि जीयब ओहि कंत बिना
जहिया सऽ प्रभु गेलाह विदेश
तहिया सऽ हम जोगिन भेष
चोलिया एक हरि देलनि पठाय
चारूकात हीरामोती देलनि लगाय
खेलइते-धुपइते हरि अयला अंगना
केलि कतेक होएत राति खना
आनि दिअ मोहि प्रात खना
हम नहि जीयब ओहि कंत बिना
जहिया सऽ प्रभु गेलाह विदेश
तहिया सऽ हम जोगिन भेष
चोलिया एक हरि देलनि पठाय
चारूकात हीरामोती देलनि लगाय
खेलइते-धुपइते हरि अयला अंगना
केलि कतेक होएत राति खना