भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए

एक पराँठा आलू का / प्रकाश मनु

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

चुनमुन प्यारा क्या खाएगा?
एक पराँठा आलू का!
मूली वाला गरम पराँठा
यह है मेरे भालू का।

और पराँठा यह पालक का
शायद खाएँगे पापा जी,
भैया खाएँगे मेथी का
संग-संग आलू की भाजी।

मम्मी-मम्मी, अब तुम बोलो
खाओगी ना गरम पराँठा,
गोभी वाला मैं सेकूँगा
खाना हँस-हँस नरम पराँठा।