भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

एक मुक्तक / वेलेमीर ख़्लेब्निकफ़

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

मुखपृष्ठ  » रचनाकारों की सूची  » रचनाकार: वेलेमीर ख़्लेब्निकफ़  » एक मुक्तक

घोड़े जब मरते हैं
-हाँफते हैं
फूल जब झरते हैं
-मुरझाते हैं
तारे जब मरते हैं
ठंडे पड़ जाते हैं
आदमी जब मरते हैं
-गीत गाते हैं

अंग्रेज़ी से अनुवाद : रमेश कौशिक