भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
  काव्य मोती
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

ओ मेरी तुम / कुमार मुकुल

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

 ओ
मेरी तुम

लुका छिपी अब
बहुत हो गयी
सारे सपने
रात धो गयी

सोग मनाना
व्यर्थ है अब तो

चलो करें
उदयोग नया कुछ
तोडें
नयी जमीन।