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कवन जे खाओल केरा / अंगिका लोकगीत

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   ♦   रचनाकार: अज्ञात

कवन जे खाओल[1] केरा[2], हँसो नाचे अकेला रे।
हरमनिया[3] बाजन बाजे रे, कवन गाँव में॥1॥

शब्दार्थ
  1. खाया
  2. केला
  3. हारमोनियम