भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

कालीबंगा: कुछ चित्र-17 / ओम पुरोहित ‘कागद’

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

हाँती-पाँती
हक की लड़ाई
ज़रूर मची होगी
राजा-प्रजा में

कालीबंगा के भले दिनों
थेहड़ होने से पहले
जीती आखिरी जंग
कारू-कामगारों ने

बताते हैं
थेहड़ में मिले
दाँती-कस्सिया-हँसिया
निश्चय ही
राजा ही भागा

आँगन में पड़ी
हाथीदाँत की तलवारें
भरती हैं साख

पर उसकी खोज
मिले कैसे ?


राजस्थानी से अनुवाद : मदन गोपाल लढ़ा