भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

कालीबंगा: कुछ चित्र-5 / ओम पुरोहित ‘कागद’

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

कहाँ राजा कहाँ प्रजा
कहाँ सत्तू-फत्तू
कहाँ अल्लादीन दबा
घर से निकलकर

नहीं बताता
थेहड कालीबंगा का

हड्डियाँ भी मौन हैं
नहीं बताती
अपना दीन-धर्म।


राजस्थानी से अनुवाद : मदन गोपाल लढ़ा