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कुछ त बण / सुधीर बर्त्वाल

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लटुला फुबतौ
पाटळु बांध
चैर्यां बण
बणांग बण
बोझ सै-सै कि
ना तु
यन उटपटांग बण।
उठ बेटी
उठ भुली
कुछ त बण
सुर्ज बण
ज्वोन बण
या तु
आसमान बण।