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कोन बड़े की नान्दन बेटी, सवा घड़ी दूध नाव्हय वो / पँवारी

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पँवारी लोकगीत   ♦   रचनाकार: अज्ञात

कोन बड़े की नान्दन बेटी, सवा घड़ी दूध नाव्हय वो।
अंगना मऽ चिक्खल सखियाँ, किनने किया वो
गोपाल बड़े की नान्दन बेटी, सवा घड़ी दूध नाव्हय वो। सवा...
अंगना मऽ चिक्खल सखियाँ किनने किया वो।
कोन बड़े की नान्दन नातिन, सवा घड़ी दूध नाव्हय ओ।
सवा घड़ी दूध नाव्हय ओ
अंगना मऽ चिक्खल सखियाँ, किनने किया वो
मोती बड़े की नान्दन नातिन, सवा घड़ी दूध नाव्हय ओ।
अंगना मऽ चिक्खल सखियाँ, किनने किया वो
केशो बड़े की नान्दन बेटी, सवा घड़ी दूध नाव्हय ओ।
अंगना मऽ चिक्खल सखियाँ, किनने किया वो
दौलत बड़े की नान्दन बेटी, सवा घड़ी दूध नाव्हय ओ।
अंगना मऽ चिक्खल सखियाँ, किनने किया वो
मुन्ना बड़े की नान्दन बहिना, सवा घड़ी दूध नाव्हय ओ।
अंगना मऽ चिक्खल सखियाँ, किनने किया वो
कोन बड़े की नान्दन साली, सवा घड़ी दूध नाव्हय ओ।
अंगना मऽ चिक्खल सखियाँ, किनने किया वो
श्रीराम बड़े की नान्दन साली, सवा घड़ी दूध नाव्हय ओ।
अंगना मऽ चिक्खल सखियाँ, हमने किया ओ।
कोन बड़े की नान्दन भानिज, सवा घड़ी दूध नाव्हय ओ।
अंगना मऽ चिक्खल सखियाँ, किनने किया ओ।