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कोसिका-कोसिका पुकारै / अंगिका

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   ♦   रचनाकार: अज्ञात

कोसिका-कोसिका पुकारै
कोसिका मैया लोभीत हे
अबरो के लहरा समेटोॅ
कोसिका मैया लोभीत हे
हम्में कैसे लहर समेटवै,
ऐलै मुख्य भादो हे
सातो बहिन झूमर खेलबै,
आँठमें बरेला भैया हे
गंगा-गंगा पुकरौं, गंगा मैया लोभीत हे
अबरो के लहरा समेटोॅ, गंगा मैया लोभीत हे
हम्में कैसे लहरा समेटवै, ऐलै मुख्य भादो हे
सातो बहिन झूमर खेलबै आँठवे बरेला मैया हे ।