भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

कौन देश, माँ ! / रमेश तैलंग

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

चमके चन्दा जहाँ तारे हज़ार,
पवनिया बजाती जहाँ पर सितार,
कौन देश माँ ! बादलों के पार ?

बिख़राता कौन सुबह होते ही रंग ?
बूँदों की सुनता है कौन जल-तरंग ?
रोज़-रोज़ किरणों की पालकी उठा,
ढलते ही शाम कहाँ जाते हो कहार ?

दूध धुली चाँदनी
के ये झरने ।
आते किस नगरी से, रेशम पहने ?
क्या कोई जादू की फेरकर छड़ी,
दिखलाता है सारे रंग बार-बार ?