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गीत 1 / ग्यारहवां अध्याय / अंगिका गीत गीता / विजेता मुद्‍गलपुरी

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अर्जुन उवाच-

कहलन अर्जुन, हे मधुसूदन सब अज्ञान नशैलौं
हमरा ऊपर भेल अनुग्रह, परम ज्ञान हम पैलौं।

परम गोपनीय अध्यातम
विषय श्रवण कैने छी,
तों उद्भव-संहार बतैलेॅ
सहज ग्रहण कैने छी,
पैलौं कृष्ण तोर महिमा हम, जीवन धन्य बनैलौं।

कृष्ण समस्त चराचर प्राणी के
तोहें उपजैलेॅ,
उनकर पालन करि अपना में
लीन पुनः तों कैलेॅ
कृष्ण तोर अविनाशी महिमा आजु जानि हम पैलौं।

हे परमेश्वर हाथ जोरि हम
एक टा अरज करै छी,
तोर ज्ञान-ऐश्वर्य शक्ति अब
देखै लेल चहै छी,
हम प्रत्यक्ष दर्शन चाहै छी, एहन कामना धैलौं
हमरा ऊपर भेल अनुग्रह, परम ज्ञान हम पैलौं।