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गीत 2 / पहिलोॅ अध्याय / अंगिका गीत गीता / विजेता मुद्‍गलपुरी

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संजय उवाच-

संजय रण के हाल बतावै।
दूर्योधन के व्यूह रचल पर दृष्टिपात करवावै।

पाण्डव के सेना देखी जब दुर्योधन भय खैलन
दूर्योधन आचार्य द्रोण से तब आवी बतियैलन
धृष्टद्युम्न के व्यूह रचल पर द्रोण दृष्टि डलबावै।
संजय रण के हाल बतावै।

कहलन भीम और अर्जुन के सँग युयुधान खड़ा छै
अरु विराट, सचमुच विराट छै सँग में द्रुपद खड़ा छै
धृष्टकेतु अरु चेकितान, कशीपति बल बतियावै
संजय रण के हाल बतावै।

कुन्ति भोज पुरुजित पराक्रमी और शैब्य बलशाली
उधामन्यु अरु उत्त भोज अभिमन्यु पराक्रम शाली
पंचाली के पाँचो बेटा निज रण कौशल गावै
संजय रण के हाल बतावै।