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चमन में सुबह का मंज़र बड़ा दिलचस्प होता है / मुनव्वर राना

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चमन[1]में सुबह का मंज़र[2]बड़ा दिलचस्प[3]होता है
कली जब सो के उठती है तो तितली मुस्कुराती है

हमें ऐ ज़िंदगी तुझपर हमेशा रश्क़[4]आता है
मसायल[5]में घिरी रहती है फिर भी मुस्कुराती है

बड़ा गहरा तआल्लुक़[6]है सियासत[7]का तबाही[8] से
कोई भी शहर जलता है तो दिल्ली मुस्कुराती है

शब्दार्थ
  1. उद्यान
  2. दृश्य
  3. रुचिकर
  4. ईर्ष्या
  5. समस्याएँ
  6. संबंध
  7. राजनीति
  8. बर्बादी