कोई अपना
छोड़ साथ यों
चला गया किस ओर
टप-टप-टप-टप
बरसे पानी
टूटा सपन सलोना
अंदर-अंदर
तिरता जाऊँ
भींगा कोना-कोना
चीख़ रहा है
पल-छिन छिन-पल
अपने मन का मोर
किसने जाना
कहाँ तलक
उड़ पाएगी गौरैया
किसने जाना
कहाँ और कब
मुड़ जाएगी नैया
जान गए भी
तो क्या होगा
समय बड़ा है चोर
पास हमारे
आओगे कब
साथी साथ निभाने
हाथ पकड़कर
ले चलना तब
मुझको किसी ठिकाने
मिलन हमारा
ले आयेगी
खुशियों की तब भोर