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चीर के कइसे देखाईं दिल भला जुम्मन मियाँ / रामरक्षा मिश्र विमल

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चीर के कइसे देखाईं दिल भला जुम्मन मियाँ
अब करीं बिशवास कहिया ले इहाँ जुम्मन मियाँ

आदमीयत के इहाँ औसत निकालल जात बा
आदमी कइसे बची कतहूँ इहाँ जुम्मन मियाँ

हाल पूछे लोग अइहें पास बस तब्बे तलक
जोर गाटा में रही जब ले जवाँ जुम्मन मियाँ

आदमी तऽ हो गइल बा आजु अब हलुआ-पुड़ी
जे उड़ाई ढेर ओकरे जीत बा जुम्मन मियाँ

अब अन्हरिया के बता द राह बदले के परी
चाँदनी के हो गइल शुरुआत बा जुम्मन मियाँ