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छेडक़ली जंग / ओम पुरोहित कागद

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हांती-पांती
हक हकूकत री राड़
मची ई है जरूर
राजा-प्रजा में
काळीबंगा रै सूंऐ दिनां
थेड़ होवण सूं पै’ली
जीती है छेड़कली जंग
कारूआं-कामगारां
बतावै
थेड़ में मिल्या
दांती-कस्सिया-हंसिया
राजा ई भाग्यो है
पकायत
आंगणां में पड़ी
हाथी दांत री तरवारां
भरै साख
पण उण रा खोज
लाधै कद!