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जरूरी बातें / अभय श्रेष्ठ

Kavita Kosh से
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लोगों की वाणी से
निकलने वाली गंदगी की तरह इस देश में
हैं कई फिजूल चीजें।

केवल हवा के झोकों में फरफराने वाले झंडे का
नहीं है कोई प्रयोजन
प्रतिमाओं में चढ़ाए जाने वाले फूल,
कृष्णभीर को सुनाई जाने वाली कविता,
और संत-महंत के आशीर्वचन—
सबसे व्यर्थ चीजें हैं।

हिलारी क्लिंटन के ऊपर
कवियों के विरुदावली से
मननीय वाणी है पोर्नस्टार का कन्फेशन।

आशुकवि के रोदन से अच्छा
श्रुतिमधुर ध्वनि है बादल की गर्जन।

भलामानस के मौन से ज्यादा
श्लील सूत्र है पागल का गीत।

दूर से दिखाई देने वाले हिमाल का सौंदर्य,
सत्ता की राष्ट्रवादी भाषा,
और नित्य गूंजने वाले शांति के गीत—
सबसे संदिग्ध बातें हैं।

कुर्सी में भृत्यतंत्र की नाक से ज्यादा
विदूषक का नाच दर्शनीय है।
बच के रहना,
और एक मुठ्ठी निर्मल हवा में
लोगों को सोचने देना—
सबसे जरूरी बातें हैं।