भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

जूते सब समझते हैं / अंजू शर्मा

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

जूते
जिनके तल्ले साक्षी होते हैं
उस यात्रा के
जो तय करते हैं लोगों के पाँव,
वे स्कूल के मैदान,
बनिए की दुकान
और घर तक आती सड़क
या फिर दफ्तर का अंतर
बखूबी समझते हैं
क्योंकि वे वाकिफ हैं
उस रक्त के उस भिन्न दबाव से
जन्मता है
स्कूल, दुकान, घर या दफ्तर को देखकर...