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जेकरे पर विश्वास करै छी आँखी में दै छै घूर / सियाराम प्रहरी

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जेकरे पर विश्वास करै छी आँखी में दै छै घूर

तन सिहरै छै मन सिहरै छै
देखि देखि केॅ जी हहरै छै
काम करैवाला भुखलोॅ छै केहनोॅ छै दस्तूर।

आसमान आगिन बरसावै
देहोॅ में छै आगि लगावै
हमरे सेॅ बनलोॅ हुजूर छै हम्मेॅ छी मजबूर।

चोरे पहरेदार बनल छै
सब गल्ला केॅ हार बनल छै
नजर उठाय केॅ कोय नै ताकै, कत्तेॅ छी मजबूर।

अभी धूप गरमैलोॅ नै छै
मौसम भी उमतैलोॅ नै छै
जखनी हवा बदलतै तखनी सब दुख होयतै दूर।