भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार
Roman

झूला डरो कदम की डार / बुन्देली

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

   ♦   रचनाकार: अज्ञात

झूला डरो कदम की डार,
झूला झूलें नंद कुमार।
काहे को जो बनो हिंडोला,
काहे की जोती चार। झूला...
चंदन काठ को बनो हिंडोला,
रेशम जोती चार। झूला...
का जो झूलें को जो झुलावे,
को जो खैंचे डोर।
झूला झूलें नंदकुमार। झूला...
राधा झूलें कृष्ण झुलावें,
सखियां मिचकी घाल। झूला...