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टन-टन, टन-टन / श्रीनाथ सिंह

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छुट्टी! छुट्टी! छुट्टी!
टन-टन, टन! टन! घंटा बोला!
हो! हो! हो! चिल्लाया भोला,
बंद करो, क्यों बस्ता खोला?
छुट्टी! छुट्टी! छुट्टी!

आओ, बगल दबाएँ बस्ता,
जल्दी घर का पकड़ें रस्ता,
खाएँ चलें, कचौड़ी खस्ता,
छुट्टी! छुट्टी! छुट्टी!

पढ़ने का था समय पढ़े जब,
खेल-कूद में नहीं पड़े तब,
बुरा नहीं यदि हम खेलें अब
छुट्टी! छुट्टी! छुट्टी!