भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए

तनहाई / सरोज सिंह

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

हिन्दी शब्दों के अर्थ उपलब्ध हैं। शब्द पर डबल क्लिक करें। अन्य शब्दों पर कार्य जारी है।

शाम बारिशों में तो रात बूँदों में
किसी तूल कट ही गयी
आज फिर सहर ने
कोहरे की लिहाफ से
ज़बरन दिन को जगाया है
गूंगे दिन ने फिर
भीड़ में...तनहाई दोहराई हैl