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नंदा देवी त्वसे विनती च मेरी / जितेंद्र मोहन पंत

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नंदा देवी त्वसे विनती च मेरी।
आज शरणम अयूं छौं मी तेरी 
मेरी मनोकामना पूरी कैरी
नंदा देवी त्वेसे विनती च मेरी। 

भारत का लोग मां जागरूक ह्वेन
 मिलिकै देश थै एैथर बढ़ैन
 इनु मंत्र मां आज यूं फर फेरी
 नंदा देवी त्वेसे विनती च मेरी। 

जात पांत हमसे दूर मां रावू
 हिन्दू मुस्लिम थै भाई बणावू
 सबु की जात मां भारतीय कैरी 
 नंदा देवी त्वेसे विनती च मेरी।

भेदभाव थै मां जड़ से ​मिटै दे
विकास का बीज मां देश म ब्वे दे
तू इतनी कृपा मां हम पर कैरी 
नंदा देवी त्वेसे विनती च मेरी।