भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
  रंगोली
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार
Roman

नद्दी नद्दी दिया बळऽ रे काई जनावर जाय / निमाड़ी

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

   ♦   रचनाकार: अज्ञात

“नद्दी नद्दी दिया बळऽ रे, काई जनावर जाय,
हरणी को पिलको ढोर चरावण जाय।
ला ओ माय बकेड़ी।"