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नींद / फ़राज़

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 नींद
सर्द [1]पलकों की सलीबों [2]से उतारे हुए ख़्वाब[3]
रेज़ा -रेज़ा[4]हैं मिरे सामने शीशों की तरह
जिन के टुकड़ों की चुभन,जिनके ख़राशों [5]की जलन
उम्र-भर जागते रहने की सज़ा देती है
शिद्दते-कर्ब[6]से दीवाना बना देती है

आज इस क़ुर्ब[7]के हंगाम[8]वो अहसास[9]कहाँ
दिल में वो दर्द न आँखों में चराग़ों का धुवाँ
और सलीबों से उतारे हुए ख़्वाबों की मिसाल[10]
जिस्म गिरती हुई दीवार की मानिंद[11]निढाल
तू मिरे पास सही ऐ मिरे आज़ुर्दा-जमाल[12]

शब्दार्थ
  1. ठंडी
  2. चौपड़ जैसी सूली
  3. स्वप्न
  4. टुकड़े
  5. रगड़
  6. दर्द की अधिकता
  7. सामीप्य
  8. भीड़
  9. संवेदना
  10. उदाहरण
  11. भाँति
  12. पीड़ित सौंदर्य