भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

नूंवो आर्ट / राजेश कुमार व्यास

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

(हंगरी के आर्टिस्ट इस्टवान के विडियो इन्स्टालेसन ने देखती थकै)

बै कैवे
देखो-
ओ साव नूवों आर्ट है
इनै
इन्स्टालेसन आर्ट री दीठ सूं परखौ।
म्हूं
इणगी-उणगी
सोधूं...
कीं निजर नीं आवै
बै फेरूं कैवे
ओ देखो इणरो विडियो
सामी आवै
घणकरा दरसाव
म्हूं कीं समझ नी पावूं
घणकरी थेपड़्यां
एक सिंहासन सरीखी कुर्सी
उण पर उगाड़ो
नंग धड़ंग
कच्छौ पैर्यौडो
बैठ्यौ है
इन्स्टालेसन आर्ट रो आर्टिस्ट
विडियो मांय
निगै आवै
मुळकता छोरा
आर्टिस्ट पर थेपड़्या चिणता
आर्टिस्ट ढक लेवै अपणै आप नै
म्हूं चमगूंगो सूं देखूं
विडियो री पूरी फिलम।
किंया लाग्यौ ओ नूंवो आर्ट?
अबै
थे ही बताओ
कीं देवूं पडूतर
छेकड़
आर्टिस्ट खाली देखणे इ नीं
इ नये आर्ट पर
कीं लिखण नै
तेवड़ियो है।