स्थान - गोकुल-नन्दग्राम, यशोदाक आङन-परिसर।
गोकुल जन-संकुल छल जन्मोत्सबक हर्ष कल्लोल
मंगल-शंख वेणु वीणा तुरही पिपही धुनि घोल
सजि धजि गितगाइनि सोहागिनी गबइछ सोहर गीत
नन्द यशोदा घर-परिसर बिच बँटइत छथि भरि चीत
जन्म लेल शिशु समाने झकझक झलकय अंग
जन-जन नयन निहारि न थकइछ चान-चकोर प्रसंग
देखय अबइछ बाल लाल ललना कत टोल-पड़ोस
परिचित-अपरिचितहुँ बिकछवइछ के जनि मुद मदहोस