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पूरना पूरी करो माई... / बुन्देली

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   ♦   रचनाकार: अज्ञात

पूरना पूरी करो माई...
कि अम्बे मोरी काहे की ईंट पराई
काहे को गारा रे माई
कि अम्बे मोरी सोने की ईंट पराई
चंदन लगो गारा री माई। पूरना...
कि अम्बे मोरी काहे के दीया जराये
काहे की डरी बाती री माई। पूरना...
कि अम्बे मोरी सोने की दीया जराये
कपूर लगी बाती री माई। पूरना...
कि अम्बे मोरी कैसी बनी तेरी मूरत
दरश हमें दे दो री माई। पूरना...