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पूर सूर हइ, छेड़िनि छो था? / एम. कमल

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पूर सूर हइ, छेड़िनि छो था?
टोपा हीअं उढेरिनि छो था?

ॿनी वहम जी खेड़िनि छो था?
माण्हू अकुल उखेड़िनि छो था?

आकिड़ी लाइ[1] या गारियुनि लइ।
लोक चरिए खे छेड़िनि छो था?

छा किथे शीश महल जड़े थो?
माण्हू पत्थर मेड़िनि छो था?

खु़द छेड़ ॿधी, हाणे पुछीं थो!
मणण्हू मूं खे छेड़िनि छो था?!

शब्दार्थ
  1. (आकिड़ी लाइ = सट्टे जे नम्बर लाइ)