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प्रार्थना / मिख़ाइल लेरमन्तफ़ / मदनलाल मधु

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बहुत कठिन जीवन के क्षण में
या कि दर्द जब हृदय दबाता,
अद्भुत्त एक प्रार्थना को मैं
बार-बार उस क्षण दोहराता।

जीवित शब्दों के समस्वर में
शक्ति निहित, अनुपम हितकारी,
साँस ले रही अति दुरुह-सी
उन में छवि भी प्यारी-प्यारी।

तभी हृदय से सन्देहों का
पत्थर लुढ़क दूर जा गिरता,
मन रोए, विश्वास संजोए
हलका-हलका अनुभव करता...
 
1839
मूल रूसी से अनुवाद : मदनलाल मधु

और अब यह कविता मूल रूसी भाषा में पढ़ें
              молитва

В минуту жизни трудную
Теснится ль в сердце грусть:
Одну молитву чудную
Твержу я наизусть.

Есть сила благодатная
В созвучьи слов живых,
И дышит непонятная,
Святая прелесть в них.

С души как бремя скатится,
Сомненье далеко —
И верится, и плачется,
И так легко, легко...

1839