भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

प्रीत-10 / विनोद स्वामी

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

तेरी टूटेड़ी चप्पल रो
बटण घालती बरियां
मेरा हाथ,
सूमै रो करग्या काम।
तूं मुळक’र दिया प्रेम रा दाम।