Last modified on 24 अगस्त 2011, at 14:37

बरवै रामायण / तुलसीदास/ पृष्ठ 15


( बरवै रामायण उत्तरकांण्ड/पृष्ठ-5)

( पद 66 से 69 तक)

तुलसी राम नाम जपु आलस छाँडु।
राम बिमुख कलि काल को भयो न भाँडु।66।

 तुलसी राम नाम सम मित्र न आन।
जो पहुँचाव राम पुर तनु अवसान। 67।

 राम भरोस नाम बल नाम सनेहु।
जनम जनम रघुनंदन तुलसी देहु।68।

जनम जनत जहँ जहँ तनु तुलसिहि देहु।
तहँ तहँ राम निबाहिब नाथ सनेहहु।69।


(इति बरवै रामायण )

अगला भाग >>