भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

बाप पुछेंहूँ बेटा कौनी कौनी, बिधि, मनतोर मोहलक हे / अंगिका लोकगीत

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

   ♦   रचनाकार: अज्ञात

बाप पुछेंहूँ[1] बेटा कौनी कौनी[2], बिधि, मनतोर मोहलक[3] हे।
चित तोर मोहलक हे॥1॥
जखनि[4] धोतिया पहिरौलक[5], तखनि[6] मन मोहलक हे।
जखनि अँगुठिया पहिरौलक, तखनि चित मोरा मोहलक हे॥2॥
जखनि जोड़बा पहिरौलक, तखनि मन मोरा मोहलक हे।
जखनि मोरिया पहिरौलक, तखनि मन मोरा मोहलक हे॥3॥

शब्दार्थ
  1. पूछते हैं
  2. किस-किस; कौन-कौन
  3. मोह लिया
  4. जिस समय
  5. पहनाया
  6. उस समय