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भक्ति भाव / रूपसिंह राजपुरी

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आजकाल
भक्ति भाव मैं
'परमारथ',
इत्तो आ गयो।
ओ भेड़चाल सो
फैशन,
सब जगा छा गयो।
ईंगो कोई भी मौको,
लोग खोण कोनी देवैं।
जणाईं तो 'जुम्मे-जागरण' मैं
स्पीकर लगा'र,
गांव भर नैं सोण कोनीं देवैं।