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भर आह कहूँगा मैं नोरा / हरिवंशराय बच्चन

सबसे कोमल,
आयर-मधुबन की कलिका का
तुम नाम अगर मुझसे पूछो,
भर आह कहूँगा मैं नोरा।

दुनिया में कलियों के ऊपर
मधुपावलियाँ मँडलाती है,
रस में आकर्षण होता है,
मधु पी-पीकर उड़ जाती हैं;
मेरे यौवन की बाहों में
मुकुलित कलिका आई लेकिन,
ग़श खाया उसकी पंखुरियों
में बस मेरे मन का भौंरा।

सबसे कोमल,
आयर-मधुबन की कलिका का
तुम नाम अगर मुझसे पूछो,
भर आह कहूँगा मैं नोरा।