संकोच
इस
बात का नहीं
कि
तुमने
इन चीजों को
सहेजा नहीं
समझा नहीं
वरना
दुख है मुझे
इस बात का
कि
तुम कितने लापरवाह हो
कि भूल जाते हो
बटुआ, घड़ी, छड़ी
क्यूं नहीं भूल जाते
कभी
घर की दिशा
मयखाने की गली भी
नहीं भूलते कभी
संकोच
इस
बात का नहीं
कि
तुमने
इन चीजों को
सहेजा नहीं
समझा नहीं
वरना
दुख है मुझे
इस बात का
कि
तुम कितने लापरवाह हो
कि भूल जाते हो
बटुआ, घड़ी, छड़ी
क्यूं नहीं भूल जाते
कभी
घर की दिशा
मयखाने की गली भी
नहीं भूलते कभी