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भ्रम / रंजना जायसवाल

तुमसे मिलकर
कई भ्रम टूटे
मसलन ज़िंदगी में होता है
प्रेम बस एक बार
कि देह से अलग होता है मन
कि रस्मों-रिवाज़ से ही बनती है
दुनिया खूबसूरत