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मंदार-मधुसूदन / प्रदीप प्रभात

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मंदार-पापहरणी आबी नहाबोॅ हो।
तन के चोला सफल बनाबोॅ हो॥
मंदार धर्म के नगरी छेकै के नै जानै हो।
पापहरणी स्थान करि केॅ रोग भगावोॅ हो॥
सीता कुण्ड, शंख कुण्ड, नामी छै के नै जानै हो।
मंदार दर्शन करि जिनगी सफल बनावोॅ हो॥
कैटभ मारी, मधु के मंदारोॅ सेॅ दाबी,
विष्णु मधुसूदन कहलाबै हो॥
हेकरोॅ दर्शन करि केॅ जिंनगी सफल बनाबोॅ हो।
कष्ट निवारण खातिर ऐलोॅ छेलै इन्द्र यहीं॥
पापहरणी मंदार क्षेत्र सब्भैं तीर्थों मेॅ नामी॥
मंदार गिरि के ऊपर नरसिंह गुफा अद्भुत लागै हो,
मंदार पुष्पकरणी, ब्रह्मा, विष्णु, शिब रोॅ धाम छेकै हो॥
चीर-चानन के बीचोॅ मेॅ मंदार खाड़ोॅ॥
ई धरती के शोभा आरो पहचान बढ़ाबै हो॥
याहीं जैन सिद्ध वासुपुज्य के छै धाम हो॥