भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

मकान-2 / श्याम बिहारी श्यामल

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

बड़े इत्मीनान से
निगलते जा रहे हैं
हमें मकान

हम तान लेते हैं मौत
हर रोज़
उनकी आँत में
हम कैसे तोड़ेंगे
यह लाक्षागृह ?