भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
मन में / संगीता गुप्ता
Kavita Kosh से
हिन्दी शब्दों के अर्थ उपलब्ध हैं। शब्द पर डबल क्लिक करें। अन्य शब्दों पर कार्य जारी है।
मन में
कई प्रश्न
बार - बार
उमड़ते रहते
पूछना चाहती
अलकनन्दा से
किसके लिए
यूँ बहती हो
बिना थके, निरन्तर
पूछना चाहती
विराट पहाड़ पर उगे
उस जंगली फूल से
किसके लिए
यूँ इठला कर
खिलते, महकते हो
पूछना चाहती
ऊँची पहाड़ी पर
क़तार में खड़े
देवदार के वृक्षों से
किसकी राह तकते हो
किसके स्वागत में
यूँ झूमते हो