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मोरे हर से करे ररिया जनकपुर की सखिया / बुन्देली

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   ♦   रचनाकार: अज्ञात

मोरे हर से करें ररियां जनकपुर की सखियां।
उनने आतर परसी सो पातर परसी
परस दई दुनिया जनकपुर की सखियां
आलू परसे रतालू परसे,
सो परस दई घुइयां। जनकपुर...
पूड़ी परसी कचौड़ी परसी
सो परस दई गुजियां। जनकपुर...
लडुआ परसे जलेवी परसी,
सो परस दई बुंदियां। जनकपुर...
उनने अमियां परसे, करौंदा परसे,
सो परस दये निबुआ। जनकपुर...