लखी जिन लाल की मुसक्यान।
तिनहिं बिसरी बेद-बिधि जप जोग संयम ध्यान॥
नेम ब्रत आचार पूजा पाठ गीता ग्यान।
'रसिक भगवत' दृग दई असि, एचिकैं मुख म्यान॥
लखी जिन लाल की मुसक्यान।
तिनहिं बिसरी बेद-बिधि जप जोग संयम ध्यान॥
नेम ब्रत आचार पूजा पाठ गीता ग्यान।
'रसिक भगवत' दृग दई असि, एचिकैं मुख म्यान॥