भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

वफ़ा और प्यार के ज़ज्बात वाले / राज़िक़ अंसारी

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

वफ़ा और प्यार के ज़ज्बात वाले
बहुत अच्छे थे हम देहात वाले

ज़रुरत हाथ फैलाए खड़ी है
कहाँ हैं सब हमारे साथ वाले

हमारी एकता को मार देंगे
किसी दिन ये सियासी हाथ वाले

सितारे चाँद जुगनू दर्द आँसू
ये मेरे हम सफ़र हैं रात वाले

हमें भी आज़मा कर देख लेना
अभी मौजूद हैं कुछ बात वाले