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ऐसे बेईमान प्रकाश में एक बानी सुरक्षित रूप से ले जाते समय
बुझते-बुझते ख़ुद को सँवार नहीं पाया- ऐसा भी नहीं ।
 
'''मूल मराठी से अनुवाद : सूर्यनारायण रणसुभे'''
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